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इस नाचीज दिल की गुस्ताखी तो देखो, चला है चाँद से इश्क को इज़हार करने, जिसकी रोशनी से रोश्न है पूरी दुनियाँ, इसी को चला है प्यार की रोशनी देने..

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Unknown User

September 12th 2015, 12:31 am
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